CentMP Warehouse Receipt Finance:

 

योजना का नाम
सेन्ट एम.पी.शासकीय गोदामों में भंडारित माल की गोदाम रसीद के विरूद्व माँग ऋण/ओव्हरड्राफट सुविधायोजना का नाम
सेन्ट एम.पी.प्रायवेट गोदामों में भंडारित माल की गोदाम रसीद के विरूद्व माँग ऋण/ओव्हरड्राफट सुविधा
पात्र कृषक/व्यापारी
1) इनकी पहचान के.वाय.सी. (K.Y.C.) मापदंड के तहत सुनिश्चित होना चाहिये। 
2)ऋण उसी/उन्हीं व्यक्तियों को दिया जायेगा, जिसके/जिनके नाम की रसीद हो,अन्य/अन्यों को नहीं।एक परिवार में एकही व्यक्ति को ऋण दिया जायेगा।

1) इनकी पहचान के.वाय.सी. (K.Y.C.) मापदंड के तहत सुनिश्चित होना चाहिये। यथा कृषक /व्यापारी के पहचान की पुष्टि स्वरूप दस्तावेजों के साथ उधारग्राहिता कृषक होने के मामले में भू-अधिकार पुस्तिका की प्रमाणित छायाप्रति एवं व्यापारी के मामले में कृषि उपज मंडी द्वारा प्रदाय लायसेंस एवं पेन/टेन क्रमांक की प्रमाणित छायाप्रति प्राप्त की जाय। 
2)ऋण केवल उसी/उन्हीं कृषक/व्यवसायियों को दिया जायेगा, जिसके/जिनके नाम की रसीद हो,अन्य/अन्यों को नहीं।

ऋण राशि
1) प्रति कृषक/व्यापारी को भंडारित माल की रसीद में दर्शाये गये मूल्य या समर्थन मूल्य इसमे से जो भी कम हो का दलहन के मामले मे अधिकतम 60 प्रतिशत एवं तिलहन एवं अन्य अनाज के मामले में अधिकतम 70 प्रतिशत तक ऋण /ओडी स्वीकृत की जायेगी।
2) एक गोदाम मे हमारी बैंक की एक ही शाखा द्वारा वित्तपोषन किया जावेगा अन्य शाखा द्वारा नही।
3) जिस गोदाम की वेयर हाउस रसीदों के विरुद्ध हमारे बैंक द्वारा वित्तपोषण किया जा रहा है उक्त गोदाम में ही अन्य बैंक द्वारा भी वित्तपोषण किया जा रहा हो तब यह ध्यान रखा जाय की हमारे बैंक द्वारा वित्तपोषित माल को पृथक लाट में रखा गया है एवं उसकी समूचित पहचान सुनिश्चित की गई है।
अ) भंडारित माल की रसीद में दर्शाये गये मूल्य या बाजार मूल्य इसमें से जो भी कम हो का दलहन के मामले मे अधिकतम 60 प्रतिशत एवं तिलहन एवं अन्य अनाज के मामले में अधिकतम 70प्रतिशत तक ऋण /ओडी स्वीकृत की जायेगी। 
ब) प्रति प्रायवेट गोदाम ऋण राशि अधिकतम रू 3.00 करोड या गोदाम की भंडारण क्षमता जो भी कम हो तक ऋण स्वीकृत किया जायेगा।प्रति गोदाम ऋण राशि को बढाने का अधिकार क्षेत्रीय प्रबंधक की अनुसंशा के आधार पर प्रधान कार्यालय स्तर पर गठित समिति को होगा।
स) प्रति उधारग्राहिता /समूह अधिकतम ऋण सीमा रू.50 लाख से अधिक नहीं होगी इसका तात्पर्य यह है कि उक्त उधारग्राहिता /समूह द्वारा एक से अधिक गोदामों में रखे गये माल के विरूद्व लिये गये ऋण की समग्र ऋण सीमा रू. 50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिये। 
द) एक गोदाम में रखे गये माल की वेयर हाउस रसिदो के विरुद्ध ऋण आवश्यकता की पूर्ती एक ही शाखा द्वारा की जायगी। 
इ) एक पार्टी /समूह की ऋण आवश्यकता की पूर्ती एक ही शाखा द्वारा की जायेगीे ।
फ) यदि किसी गोदाम की वेयर हाउस रसीद के विरूद्व अन्य बैंक द्वारा वित्तपोषण किया गया हो तब हमारे बैंक द्वारा उस गोदाम की रसीदों के विरूद्व वित्तपोषण इस शर्त पर किया जायेगा कि उक्त गोदाम की भंडारण क्षमता पर्याप्त है एवं हमारे द्वारा वित्तपोषित माल को पृथक लाट में रखा गया है तथां उसकी समूचित पहचान सुनिष्चित की गई हैे। 
मार्जिन
भंडारित माल की रसीद में दर्शाये गये मूल्य या सर्मथन मूल्य इनमें से जो भी कम हो का दलहन के मामले मे अधिकतम 40 प्रतिशत एवं तिलहन एवं अन्य अनाज के मामले में अधिकतम 30प्रतिशत तक मार्जिन बनाया रखा जावेगा । 
भंडारित माल की रसीद में दर्शाये गये मूल्य या सर्मथन मूल्य इनमें से जो भी कम हो का दलहन के मामले मे अधिकतम 40 प्रतिशत एवं तिलहन एवं अन्य अनाज के मामले में अधिकतम 30 प्रतिशत तक मार्जिन बनाया रखा जावेगा । 
अदायगी अवधि
अदायगी ऋण वितरण दिनांक से 9 माह के अंदर हो जानी चाहिये। यदि अदायगी 9 माह के अंदर नहीं हो पाती है तब शाखा प्रबंधक स्वयं गोदाम में जाकर माल का निरिक्षण कर अदायगी नहीं होने के कारणों का पता लगाये तथा क्षेत्रीय कार्यालय को इसकी सूचना दें। वास्तविक कारणों से माल का विक्रय नहीं हो पाने पर अतिरिक्त तीन माह की अवधि स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा प्रदान की जायेगी तथा इसकी सूचना अगले उच्च अधिकारी को दी जायगी। नौ माह से अधिक बकाया रहने पर वृद्विगत अवधि हेतु 1 प्रतिशत अतिरिक्त दण्ड ब्याज प्रभारित किया जाय इसके पश्चात भी ऋण अदायगी नहीं हो पाती है तब वसूली हेतु नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाय एवं प्रधान कार्यालय को अवगत कराया जाय।
ऋण वितरण दिनांक से 9 माह के अंदर अदायगी हो जानी चाहिये। यदि अदायगी 9 माह के अंदर नहीं हो पाती है तब शाखा प्रबंधक स्वयं गोदाम में जाकर माल का निरिक्षण कर अदायगी नहीं होने के कारणों का पता लगाये तथा क्षेत्रीय कार्यालय को इसकी सूचना दें। वास्तविक कारणों से माल का विक्रय नहीं हो पाने पर अतिरिक्त तीन माह की अवधि स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा प्रदान की जायेगी तथा इसकी सूचना अगले उच्च अधिकारी को दी जायगी। नौ माह से अधिक बकाया रहने पर वृद्विगत अवधि हेतु 1 प्रतिशत अतिरिक्त दण्ड ब्याज प्रभारित किया जाय इसके पश्चात भी ऋण अदायगी नहीं हो पाती है तब वसूली हेतु नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाय एवं प्रधान कार्यालय को अवगत कराया जाय।
ब्याज दर
रू.10.00 लाख तक 10.50 प्रतिशत वार्षिक। मासिक ब्याज प्रभारण
रू.10.00 लाख से अधिक पर 11.50 प्रतिशत वार्षिक। मासिक ब्याज प्रभारण
उपरोक्त ब्याज दरें समय-समय पर बैंक निर्देशानुसार परिर्वतनीय रहेगी। 
स्वीकृति पत्र में ब्याज दर का स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा स्वीकृति की शर्ताे से उधारग्रहिता को अवगत कराया जाय एवं उधारग्रहिता की सहमति स्वरुप स्वीकृति पत्र की दूसरी प्रति पर हस्ताक्षर प्राप्त कर अभिलेख में रखा जाय। 
रू.10.00 लाख तक 10.50 प्रतिशत वार्षिक। मासिक ब्याज प्रभारण
रू.10.00 लाख से अधिक पर 11.50 प्रतिशत वार्षिक। मासिक ब्याज प्रभारण
उपरोक्त ब्याज दरें समय-समय पर बैंक निर्देशानुसार परिर्वतनीय रहेगी। 
स्वीकृति पत्र में ब्याज दर का स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा स्वीकृति की शर्ताे से उधारग्रहिता को अवगत कराया जाय एवं उधारग्रहिता की सहमति स्वरुप स्वीकृति पत्र की दूसरी प्रति पर हस्ताक्षर प्राप्त कर अभिलेख में रखा जाय। 
प्रक्रियाशुल्क 
रु. 25000/- तक 
निरंक
निरंक

रु. 25000/- से अधिक एवं रु. 2.00 लाख तक

रु. 500/- 

रु. 500/- 

रु. 2.00 लाख से अधिक एवं रु. 5.00 लाख तक

रु. 250 प्रति लाख या उसका हिस्सा न्यूनतम रु. 500/- 

रु. 250 प्रति लाख या उसका हिस्सा न्यूनतम रु. 500/- 

रु. 5.00 लाख से अधिक एवं रु. 50.00 लाख तक

स्वीकृत राशि पर 0.25 प्रतिशत (न्यूनतम रु. 1250/- एवं अधिकतम रु. 12500/-)

स्वीकृत राशि पर 0.25 प्रतिशत (न्यूनतम रु.1250/- एवं अधिकतम रु. 12500/-)

प्रतिभूति

रु. 50.00 लाख तक स्वीकृत ऋण पर केवल बैंक का ग्रहणाधिकार नोट किया जाएगा अन्य कोई सम्पार्श्विक प्रतिभूति नही ली जावेगी।

(अ) जहा गोदाम का अनुमोदन प्रधान कार्यालय द्वारा किया जाता है वहां रु. 50.00 लाख तक स्वीकृत ऋण पर वेयर हाउस रसिद पर बैंक का ग्रहणाधिकार नोट करने के अलावा अन्य कोई सम्पार्श्विक प्रतिभूति नही ली जावेगी
(ब) जहा गोदाम का अनुमोदन प्रधान कार्यालय द्वारा नही किया जाता है वहां 
1. रु. 1.00 लाख तक स्वीकृत ऋण पर बैंक का ग्रहणाधिकार नोट किया जावेगा।
2. रु. 1.00 लाख से अधिक स्वीकृत ऋण पर वेयर हाउस रसिद पर बैंक का ग्रहणाधिकार नोट करने के अलावा ऋण राशि के समतुल्य मूल्य कि डायव्हरटेड भूमि/भवन का साम्यिक बंधक किया जावेगा। उक्त संपंत्ति बैंक को स्वीकार्य होना चाहिए। सम्पत्ति का मूल्यांकन बैंक के प्राधिकुत मुल्यांकक द्वारा किया जायेगा।

• Terms and conditions applicable 

• Please contact nearest branch for details