सेन्ट एम.पी. किसान क्रेडिट योजनाना

CentMP Kisan Credit Card:

 

उद्वेश्य/प्रयोजन
किसान क्रेडिटकार्ड योजना का मूख्य उद्वेश्य कृषकों को बैंकींग सिस्टम द्वारा एकल खिडकी के माध्यम से कृषि कार्य एवं अन्य आवश्यकताओं हेतु पर्याप्त एवं समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। ऋण आवश्यकताओं का विवरण निम्नानुसार हैः-
(अ) फसल उगाने हेतु अल्पावधि ऋण आवश्यकताओं की पूर्ती
(ब) कटाई पश्चात व्यय
(स) उत्पाद विपणन ऋण
(द) कृषक परिवार की उपभोग ऋण आवश्यकताएँ
(ई) कृषि अस्तियों के रखरखाव एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों जैसे-डेयरी,इनलैण्ड फिशरी इत्यादि हेतु कार्यशील पूंजी
(फ) कृषि एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों जैसे पंपसेट, स्पे्रयर्स, डेयरी पशुओं इत्यादि हेतु निवेश ऋण आवश्यकताएँ
नोटः बिन्दु अ से ई तक के मद का योग अल्पावधि ऋण सीमा घटक होगा एवं फ बिन्दु के तहत मद का योग दिर्घावधि ऋण सीमा घटक होगा। 
पात्रता
1 सभी कृषक- व्यक्तिगत/संयुक्त ऋणी जो कि भूस्वामी/कृषक है।
2 किराये पर खेती करने वाले, मौखिक पट्टेदार एवं बटाईदार
3 कृषकों का स्वयं सहायता समूह/संयुक्त देयता समूह जिसमें किराये पर खेती करने वाले कृषक एवं बटाईदार कृषक सम्मिलित है।
ऋण सीमा/ऋण राशि का निर्धारण
किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत ऋण सीमा का निर्धारण निम्नानुसार किया जाए-
3.1 सीमांत कृषकों के अतिरिक्त सभी कृषकों हेतुः
3.1.1 प्रथम वर्ष हेतु ऋण सीमा का आंकलन (वर्ष में केवल एक फसल लेने वाले कुषकों हेतु)ः-
फसल का वित्तीय मापदंड (डीएलटीसी द्वारा निर्धारित) गजोत क्षेत्र+ कटाई पश्चात व्यय/पारिवारिक/उपभोग आवश्यकताओं हेतु सीमा का 10% एवं कृषि अस्तियों का रखरखाव/फसल बीमा/पीएआईएस एवं अस्तियों का बीमा आवश्यकताओं हेतु सीमा का 20%
3.1.2 दूसरे एवं आगामी वर्षो हेतु सीमाः-
लागत में वृद्धि/वित्तीय मापदंड में बढोतरी को ध्यान में रखते हूये प्रत्येक आगामी वर्ष (द्वितीय,तृतीय,चतुर्थ एवं पंचम वर्ष) हेतु पूर्ववर्ती वर्ष हेतु निर्धारित सीमा पर 10% वृद्धि दर्ज करते हूए 5 वर्ष हेतु अल्पावधि ऋण सीमा का निर्धारण किया जायेगा तथा इसमें 5 वर्षो के दौरान कृषक की दिर्घावधि ऋण आवश्यकताओं को सम्मिलित करते हूए कुल ऋण सीमा आंकलित की जायेगी। (उदाहरण-1)
3.1.3- ऐसे कृषक जो वर्ष में एक से अधिक फसल उगाते है, के लिए सीमा का निर्धारण प्रस्तावित फसल पद्धति के आधार पर उपरोक्त दर्शित अनुसार प्रथम वर्ष हेतु अल्पावधि ऋण सीमा का आंकलन करें तथा इसके पश्चात प्रत्येक आगामी वर्ष हेतु पूर्ववर्ती वर्ष के लिए स्वीकृत सीमा पर 10% वृद्धि प्रदान करते हूये कुल 5 वर्षो हेतु सकल अल्पावधि ऋण सीमा का निर्धारण करें। यह अनुमान इस बात पर आधारित है कि कृषक द्वारा शेष 4 वर्षो हेतु भी वही फसल पद्धति अपनायी जायेगी तथापि ऐसे मामले में जहां आगामी वर्षो में कृषक फसल पद्धति में परिवर्तन करता है, तब ऋण सीमा का पुनःआकलन किया जाए। (उदाहरण-1)
3.1.4- निवेश आवश्यकताओं जेसे- भूमि सुधार, लघु सिंचाई, कृषि उपकरणों का क्रय एवं कृषि से संबंद्ध क्रियाकलाप हेतु सावधि ऋण दिया जायेगा। बैंक द्वारा ऋण से प्राप्त की जाने वाली अस्तियों की इकाई लागत के आधार पर कृषि एवं कृषि से संबंद्ध क्रियाकलापों हेतु सावधि ऋण एवं कार्यशील पूंजी ऋण सीमा निर्धारित की जायेगी। तथापि बैंक द्वारा कृषक की अदायगी क्षमता के साथ कृषक पर पडने वाले कुल ऋण भार जिसमें वर्तमान ऋण देयताएँ भी सम्मिलित है, को ध्यान में रखते हूए निर्णय लिया जाना चाहिए।
3.1.5- सावधि ऋण सीमा का निर्धारण आगामी 5 वर्ष की अवधि में प्रस्तावित निवेश को ध्यान में रखते हूए एवं कृषक की अदायगी क्षमता को ध्यान में रखते हूए किया जाना चाहिए।
3.1.6 अधिकतम अनुमति योग्य बैंक वित्त (एमपीबीएफ)- 5 वे वर्ष हेतु 
आंकलित अल्पावधि ऋण सीमा एवं आंकलित सावधि ऋण आवश्यकता 
को अधिकतम अनुमति योग्य सीमा (एमपीएल) माना जायेगा तथा इसे 
किसान क्रेडिट कार्ड सीमा माना जायेगा।तथापि प्रत्येक वर्ष हेतु 
आंकलित ऋण सीमा तक ही आहरण अनुमत किया जायेगा।
3.1.7 सीमांत कृषक के अलावा अन्य कृषकों हेतु उपसीमाओं का निर्धारणः-
i) अल्पावधि ऋण एवं सावधि ऋण पर भिन्न ब्याज दरें प्रभारित की जाती है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में अल्पावधि फसल ऋण की ब्याज सहायता योजना/नियमित अदायगी प्रोत्साहन योजना के तहत आवरित किया जाता है। अल्पावधि एवं सावधि ऋण हेतु अदायगी अवधि एवं अन्य मापदंड भिन्न-भिन्न है। अतः परिचालनात्मक एवं लेखा सुविधा हेतु कार्ड सीमा को दो भागों में विभक्त करते हुए उपसीमा के रुप में पृथक-पृथक अल्पावधि नगद ऋण सीमा सह बचत खाता एवं सावधि ऋण खाता खोला जाना चाहिए।
ii) आहरण सीमाः- अल्पावधि ऋण सीमा का निर्धारण कृषक द्वारा अपनायी जाने वाली फसल पद्धति एवं फसल उत्पादन के लिए आवश्यसक राशि, कृषि अस्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव तथा उपभोग आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर किया जाना चाहिए एवं कृषक को इसका आहरण स्वयं की सुविधा के अनुसार करने की अनुमति दी जानी चाहिए। जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा किसी भी वर्ष में वित्तीय मापदंड (स्केल आॅफ फरयनेंस) में संशोधन किये जाने पर उक्त संशोधन में निर्धारित राशि हमारे द्वारा निर्धारित 10% राशि से अधिक होती है तब आहरण योग्य ऋण सीमा का पुनर्निर्धारण करे एवं कृषक को इसकी सूचना देवे। यदि इस प्रकार के संशोधन के कारण कुल स्वीकृत सीमा (कार्ड लिमीट) को पुनर्निर्धारित (चैथे या पांचवें वर्ष) करने की आवश्कता हो तब इससें कृषक को सूचित करें एवं नयी सीमा निर्धारित कर नये दस्तावेज निष्पादित करवाएँ।
सावधि ऋण की किश्तों का आहरण ऋण की प्रकृति के अनुसार करने की अनुमति दी जाए तथा सावधि ऋण की अदायगी अनुसूची प्रस्तावित निवेश से होन वाली आर्थिक आय को ध्यान में रखते हूए निर्धारित की जाए। यह ध्यान में रखा जाए कि किसी भी समय समग्र देयताएँ उस वर्ष हेतु निर्धारित आहरण सीमा से अधिक न हो।
3.2 सीमांत कृषकों हेतुः-
सीमांत कृषकों हेतु रु. 10,000/- से रु. 50,000/- तक की लचीली सीमा प्रदान की जानी चाहिए। उक्त लचीली सीमा भूजोत एवं उगायी जाने वाली फसल जिसमें कटाई पश्चात भंडारण सुविधाओं से संबंधित ऋण आवश्यकताओं, अन्य कृषि व्ययों एवं उपभोग आवश्यकताएँ सम्मिलित की जाना चाहिए। उक्त के साथ लघु सावधि ऋण आवश्यकताएँ जैसे- कृषि उपकरणों का क्रय, छोटी डेयरी/बैकयार्ड पोल्ट्री की स्थापना इत्यादि को भी सम्मिलित किया जाए। उक्त सीमा का निर्धारण करते समय शाखा प्रबंधक इसे भूमि के मूल्य के साथ संबंद्ध न करें। इस प्रकार 5 वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा निर्धारित करें। फसल पद्धति में परिवर्तन और/या वित्तीय मापदंड में वृद्धि के कारण जहा कही उच्चतर सीमा की आवश्यकता परिलक्षित होती है, वहा ऋण सीमा निर्धारण पैरा 3.1 में दर्शित आंकलन के अनुसार करें। (उदाहरण- पप)
वितरण
4.1 के.सी.सी. सीमा का अल्पावधि ऋण का हिस्सा चक्रीय नगद ऋण सुविधा प्रकृति का है। अतः इसमें नामें एवं जमा की संख्या पर कोई प्रतिबंध नही है। इसका तात्पर्य यह है कि उक्त खातें में कितनी भी बार नामें एवं जमा किया जा सकता है। तथापि वर्ष विशेष में आहरित ऋण की अदायगी 12 माह की अवधि में की जाना चाहिए। चालु मौसम/ वर्ष हेतु निर्धारित सीमा को निम्न माध्यमों से आहरित करने की अनुमति प्रदान की जा सकती है।
(अ) शाखा के माध्यम से परिचालन
(ब) धनादेश सुविधा के माध्यम से परिचालन
(स) एटीएम/डेबिट कार्ड के माध्यम से आहरण
(द) बिजनेस करेस्पाँडेंस के माध्यम से परिचालन
(ई) शक्कर कारखानों/कान्ट्रेक्ट फार्मिंग कंपनियों के पीओएस के माध्यम 
से परिचालन (जहां टाईअप हो)
(फ) आदान विक्रेताओं के पास उपलब्ध पीओएस के माध्यम से परिचालन
(ज) कृषि आदान विक्रेताओं एवं मंडीयों में मोबाईल आधरित अंतरण 
परिचालन

नोटः- (1)बिन्दु क्रमांक स से ज तक की सुविधाएँ वर्तमान बैंक में उपलब्ध नही है। 
(2) आहरित राशि से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र उधारग्रहिता से प्राप्त कर अभिलेख में रखें।
(3)फ्लेक्सी साख सीमा में शामिल सावधी ऋण को नगदी ऋण के रुप में नही माना जावेगा। फ्लेक्सी साख सीमा के सावधि ऋण घटक से आयोपार्जक परिसम्पत्ति का निर्माण किया जा सकेगा और बैकिंग क्षेत्र में प्रचलित मानदंडों के अनुसार चुकौती अनुसूचि का निर्धारण किया जा सकेगा।
(4) के.सी.सी. के साथ सावधि ऋण स्वीकृति में बैंक ऋण से क्रय की जा रही सम्पत्ति का कोटेशन प्राप्त करें एवं अस्तियों का निरीक्षण करने के पश्चात संतुष्ट होने पर उधारग्रहिता की सहमति से बिल्स का भुगतान विक्रेता करें। कोटेशन/बिल्स अभिलेख में रखें।
अतः केवल अ एवं ब में दर्शित सुविधओं का उपयोग किया जाए।

4.2 सावधि ऋण का वितरणः-जिस वर्ष में सावघि ऋण आवश्यकता हेतु ऋण दिया जाना है, उस वर्ष में सावधि ऋण का वितरण करें। इस हेतु जिस प्रयोजन के लिए ऋण दिया जाना है, उस प्रयोजन के अनुसार जेसे- पंपसेट,टेªक्टर, कुषि मशीनरी अन्य हेतु कोटेशन प्राप्त कर विक्रेता को प्रदाय आदेश दे एवं अस्तियां प्राप्त होने पर सावधि ऋण खाता खोलकर ऋण राशि नामें कर ऋणी की सहमति से भुगतान सीधे विक्रेता को करें। इसी प्रकार पशु क्रय के मामले में उधारग्रहिता, शाखा अधिकारी एवं पशु चिकित्सक की कमेटी बनाकर पशु क्रय करें तथा ऋण राशि सावधि ऋण खातें को नामें करें। भूमि सुधार आदि के मामलें में वास्तविक व्यय के आधर पर भुगतान किया जाये। ऋण से क्रय की गयी अस्तियों के बिल्स/कोटेशन अभिलेख में रखें। सावधि ऋण में बैंक ऋण से निर्मित अस्तियों का बैंक से अधिकृत बीमा कंपनी से बीमा कराये एवं इसमें बैंक का दृष्टिबंधक क्लाज डाला जाए। बीमा पालीसी अभिलेख में रखें।

सावधि ऋण प्रयोजन की प्रकृति के अनुसार भुगतान अनुसूचि बनायी जाए एवं तद्नुसार किश्ते निर्धारित की जाए। सावधि ऋण पर बैंक द्वारा कृषि ऋणों हेतु निर्धारित ऋणों के आकार के अनुसार ब्याज दरें प्रभारित की जाए।
उपसीमाएँ
चुंकि योजना के तहत नगद साख सीमा एवं सावधि ऋण सीमा सकल ऋण सीमा के दो पृथक-पृथक भाग है, जिसमें भिन्न ब्याज दरें एवं अदायगी अवधियां है। अतः जब तक दोनो उपसीमाओं हेतु समूचित साफ्टवेयर नही बना लिया जाता है, तब तक संयुक्त क्रेडिट कार्ड जारी करना संभव नही है। अतः दोनो सीमाओं हेतु पृथक-पृथक क्रेडिट कार्ड जारी किये जाए एवं पृथक खाते खोले जाए।
वैधता/नवीनीकरण
1 किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता अवधि वार्षिक समीक्षा के आधार पर 5 वर्ष होगी।
2 फसल क्षेत्र में वृद्धि/फसल पद्धति में परिवर्तन एवं उधारग्रहिता द्वारा खाते के संचालन को ध्यान में रखते हूए वार्षिक समीक्षा की जायेगी, समीक्षा उपरांत या तो सुविधा को जारी रखा जावेगा/सीमा में वृद्धि की जायेगी या सीमा को निरस्त/वापस किया जा सकता है।
3 प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को क्षति होने पर बैंक भूगतान हेतु विस्तार प्रदान करेगा और/ या अदायगी अवधि को पुनर्निर्धारित करेगा। यदि प्रस्तावित विस्तार एक फसल अवधि से अधिक का होगा, तब विस्तार हेतु पात्र राशि को पृथक ऋण खाते में अंतरित किया जायेगा एवं उक्त ऋण राशि किश्तों में वसूली जायेगी।
ब्याज दर
(अ) अल्पावधि ऋण सीमा हेतु-
रु. 3.00 लाख तक - 7.00% प्रतिवर्ष
रु. 3.00 लाख से अधिक - 12.50% प्रतिवर्ष(BPLR के समतुल्य) 
(ब) सावधि ऋण हेतु-
रु. 2.00 लाख तक(BPLR के समतुल्य)- 12.50% प्रतिवर्ष
रु. 2.00 लाख से अधिक(BPLR के समतुल्यद्ध - 12.50% प्रतिवर्ष
नवीनतम ब्याज दर परिपत्र देखें। 
अदायगी अवधि
8.1 अल्पावधि ऋण सीमा जैसा कि उपरोक्त बिन्दु क्रमांक 1 के अ से ई में दर्शाया गया है, के अंतर्गत किया गया कोई भी आहरण 12 माह की अवधि में समायोजित हो जाना चाहिए। खाते को किसी भी समय जमा में लाने की आवश्यकता नही है। ऋण खातें में कोर्ह भी आहरण 12 महीने से अधिक की अवधि हेतु बकाया नही रहना चाहिए।
8.2 निवेश ऋण हेतु लागु वर्तमान दिशा निर्देशों के अनुसार निवेश/गतिविधि की प्रकृति को ध्यान में रखते हूए सावधि ऋण सामान्यतः 5 वर्ष की अवधि में भूगतान योग्य है।
8.3 शाखाएँ अपने विवेक से निवेश की प्रकृति को ध्यान में रखते हूए लंबी अदायगी अवधि भी निर्धारित कर सकती है।
मार्जिन
 अल्पावधि ऋण सीमा - निरंक
 सावधि ऋण सीमा - परियोजना लागत का 15 प्रतिशत
प्रतिभूति
ऽ रु. 1.00 लाख तक - फसल का दृष्टिबंधक करार
ऽ रु. 1.00 लाख से अधिक - फसल का दुष्टिबंधक करार एवं भूमिबंधक 
प्रारुप पांच द्वारा
ऋण खाता जमा में रहने पर
अल्पावधि ऋण सीमा एवं सावधि ऋण सीमा हेतु पृथक-पृथक ऋण खाते खोले। अल्पावधि ऋण सीमा में जमा बकाया रहने पर बचत खाते के अनुसार ब्याज प्रदान करें।
ऋण खाते का एनपीए के रुप में वर्गीकरण
12.1 अस्तियों के वर्गीकरण को सरल बनाने के उद्वेश्य से कार्यकारी समूह द्वारा अनुशंषा की गयी है कि ऋण खाते को तब “स्टैंडर्ड“ माना जायेगा, जब पिछले 1 वर्ष की अवधि के दौरान किसी भी समय खाते में बकाया ऋण राशि आहरण क्षमता (अल्पावधि ऋण सीमा हेतु) से कम या समतुल्य रही हो। अन्य शब्दों में, यह सुझाव दिया जाता है कि अल्पावधि ऋण (जिसमें मुख्य भाग फसल ऋण का है)जिसे के.सी.सी. के रुप में स्वीकृत किया गया है, पर विवेकपूर्ण मानदंड अपनाने हेतु वही शर्ते लागू होगी जैसे कि नगद साख सीमा खाते पर लागू होती है तथा इसे तब तक आऊट आॅफ आर्डर नही माना जायेगा, जब तक कि खाते की बकाया राशि आहरण सीमा से कम अथवा समतुल्य हो एवं प्रत्येक आहरण 12 महीने की अवधि में अदा कर दिया गया हो। के.सी.सी. के तहत प्रदत्त सावधि ऋण के लिए चुकौती अवधि निर्धारित होती है एवं इस पर वर्तमान में लागू विवेकपूर्ण मानदंड लागू होंगे।
12.2 उक्त ऋण खाते पर ब्याज का प्रभारण वर्तमान दिशा निर्देशों के अनुसार किया जायेगा।
प्रोसेसिंग/मूल्यांकन फीस
रु. 3.00 लाख तक स्वीकृत - निरंक
रु. 3.00 लाख से अधिक स्वीकृति पर- प्रधान कार्यालय के परिपत्र के अनुसार

उपरोक्त के अलावा अन्य कोई प्रभार, जिसमें निरीक्षण शुल्क भी सम्मिलित है प्रभारित न करें। केवल लेमिनेटेड क्रेडिट कार्ड जारी करने हेतु कार्ड की लागत या अधिकतम रु. 50/- वसूल करें।
अन्य विशेषताएं
निम्नलिखित बिन्दुओ पर एकरुपता लायी जाए-
1 भारत सरकार/या राज्य शासन द्वारा देय ब्याज सहायता /नियमित अदायगी पर प्रोत्साहन राहत दी जायेगी। शाखाएं इन सुविधाओं से कृषकों को अवगत कराएँ।
2 कृषक फसल बीमा, अस्तियों का बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवं स्वास्थ बीमा (जहां कही यह उत्पाद उपलब्ध है एवं प्रीमियम के.सी.सी. खाते से भुगतान होता हो) का लाभ ले। कृषक एवं बैंक के मध्य हूयी सहमति के अनुपात में बैंक द्वारा आवश्यक प्रिमीयम राशि का भुगतान के.सी.सी. खाते को नामे कर बीमा कंपनी को किया जायेगा। केसीसी सुविधा प्रदान करने वाले बैंको के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड को फसल बीमें का प्रीमियम तथा ऐसी अन्य बीमा कंपनियों को अन्य प्रीमियम समय पर भिजवा दें। फसल बीमें के प्रयोजन के लिए खरीफ व रब्बी मौसम के लिए केसीसी सीमाओं को विभाजित कर दिया जाना होगा। जहां तक जीवन के कवर का प्रश्न है, बैंक एलआईसी की चल रही समूह मीयादी बीमा पाॅलिसी का प्रयोग करें। कृषक हितग्राही को उपलब्ध बीमा आवरण की जानकारी दे एवं ऋण आवेदन के समय ही सहमति भी प्राप्त करे।
3 प्रथम आहरण के समय केवल एक बार दस्तावेजीकरण एवं इसके पश्चात दूसरे वर्ष से केवल एक घोषणा पत्र ले।(उगायी गयी/उगाने हेतु प्रस्तावित फसल के संबंध में)
4 फसल बीमा, ऋण से निर्मित अस्तियों का बीमा एवं के.सी.सी. धारकों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा किया जाना आवश्यक है , इसका ध्यान रखें।

 

 

उदाहरण- 1

(अ) एक लघु कृषक वर्ष में एक से अधिक फसल उगाता है।
(1) अनुमानः-

 

अ. भू जोत - 2 एकड
ब. फसल पद्धति - धान - 1 एकड (प्रति एकड वित्तीय मापदंड+ फसल बीमा रु. 11000/-)
गन्ना- 1 एकड (प्रति एकड वित्तीय मापदंड+ फसल बीमा रु. 22000/-)
स. निवेश/कृषि से संबद्ध गतिविधियां
1 प्रथम वर्ष में 1+1 की डेयरी इकाई की स्थापना (इकाई लागत रु. 20,000/- प्रति पशु)
2 तीसरे वर्ष में पंपसेट बदलने हेतु (इकाई लागत रु. 30,000/-)
(2) (i) फसल ऋण का हिस्साः- (प्रथम वर्ष हेतु ऋण सीमा)
1 एकड धान एवं 1 एकड गन्ना फसल कृषि लागत
रु. 33,000/-
(11,000/- + 22,000/-)

 

जोडे- 10% कटाई पश्चात व्यय/पारिवारीक व्यय/उपभोग हेतु 
रु. 3,300/-
जोडे- 20% कृषि मशीनरी रखरखाव 
रु. 6,600/-
प्रथम वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु. 42,900/-
जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीय मान में वृद्धि हेतु 
रु. 4,300/-
(रु. 42,900/- का 10% यानि रु. 4,300/-) 

 

द्वितीय वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा 
रु. 47,200/-
तृतीय वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीय मान में वृद्धि हेतु 
(रु. 47,200/- का 10% यानि रु. 4,700/-) 
रु. 4,700/-
तृतीय वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा 
रु. 51,900/-
चतुर्थ वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

tksMs& 10% dherksa esa c<ksrjh ,oa foRrh; eku esa o`f) gsrq
(रु. 51,900/- का 10% यानि रु. 5,200/-) 
रु. 5,200/-
चतुर्थ वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु. 57,100/-
पंचम वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीय मान में वृद्धि हेतु 

(रु. 57,100/- का 10% यानि रु. 5,700/-) 

रु. 5,700/-
कुल फसल ऋण राशि
रु. 62,800/- 

 

या रु. 63,000/- (अ)
(ii) सावधि ऋण का हिस्साः-

 

प्रथम वर्ष- 1+1 डेयरी इकाई की लागत
रु. 40,000/-
तृतीय वर्ष- पंपसेट का बदलना 
रु. 30,000/-
कुल सावधि ऋण राशि 
रु. 70,000/-(ब)
अधिकतम अनुमति योग्य सीमा/किसान क्रेडिट कार्ड सीमा (अ)+(ब)=रु. 1,33,000/-
नोटः- अधिकतम अनुमति योग्य/किसान क्रेडिट कार्ड सीमा रु. 1,33,000/- होगी। अतः उक्त सीमा ही कुल स्वीकृत सीमा होगी एवं इसी राशि के दस्तावेज निष्पादित किये जायेगे। तथापि ऋण सीमा का आहरण प्रत्येक वर्ष हेतु निर्धारित ऋण सीमा तक ही अनुमत किया जायेगा। अल्पावधि ऋण सीमा एवं सावधि ऋण सीमा हेतु पृथक-पृथक खाते खोले जाए।
(ब) अन्य कृषक जो कि वर्ष में एक से अधिक फसल उगाता है।

 

(1) अनुमानः-

 

अ. भू जोत - 10 एकड

 

ब. फसल पद्धति - धान - 5 एकड (प्रति एकड वित्तीय मान+ फसल बीमा रु. 11000/-)
इसके पश्चात मुगफल्ली - 5 एकड (प्रति एकड वित्तीय मान+ फसल बीमा रु. 10000/-)
गन्ना- 5 एकड (प्रति एकड वित्तीय मापदंड+ फसल बीमा रु. 22000/-)
स. निवेश/कृषि से संबद्ध गतिविधियां
I प्रथम वर्ष में 2+2 की डेयरी इकाई की स्थापना (इकाई लागत रु. 1,00,000/- )
II प्रथम वर्ष में टेªक्टर क्रय (इकाई लागत रु. 6,00,000/-)
(2) कार्ड सीमा का आंकलनः-

 

(I) फसल ऋण का हिस्साः- (प्रथम वर्ष हेतु ऋण सीमा)

 

-5 एकड धान, 5 एकड मुंगफल्ली एवं 5 एकड गन्ने हेतु कृषि लागत
(55,000/- + 50,000/-+1,10,000/-)

 

जोडे- 10% कटाई पश्चात व्यय/पारिवारीक व्यय/उपभोग हेतु 
 

रु. 21,500/-

जोडे- 20% कृषि मशीनरी रखरखाव हेतु
रु. 43,000/-
प्रथम वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु.2,79,500/-
द्वितीय वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 
 

रु. 27,950/-

(रु. 2,79,500/- का 10ः यानि रु. 27,950/-) 

 

द्वितीय वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा 
रु. 3,07,450/-
तृतीय वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 

(रु. 3,07,450/- का 10% यानि रु. 30,750/-) 

रु. 30,750/-
तृतीय वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु. 3,38,200/-
चतुर्थ वर्ष हेतु ऋण सीमा-
रु. 33,800/-
जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 

 

चतुर्थ वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु. 3,72,000/-
पंचम वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 
रु. 37,200/-
(रु. 3,72,000/- का 10% यानि रु. 37,200/-) 

 

कुल फसल ऋण राशि
रु. 4,09,200/- 

 

या रु. 4,09,000/- (अ)
(II) सावधि ऋण का हिस्साः-

 

प्रथम वर्ष- 2+2 डेयरी इकाई की लागत 
रु. 1,00,000/- 
प्रथम वर्ष- टेªक्टर क्रय
रु. 6,00,000/-
कुल सावधि ऋण का हिस्सा 
रु. 7,00,000/-(ब)
अधिकतम अनुमति योग्य सीमा/किसान क्रेडिट कार्ड सीमा (अ)+(ब)=रु. 11,09,000/-
नोटः- उपरोक्तानुसार आंकलित अधिकतम अनुमति योग्य सीमा/किसान क्रेडिट कार्ड सीमा रु. 11.09 लाख की समग्र सीमा होगी एवं इसी राशि को स्वीकृत किया जायेगा एवं दस्तावेज निष्पादित किये जायेंगे। तथापि प्रत्येक वर्ष हेतु निर्धारित ऋण सीमा तक ही आहरण अनुमत किया जाये। अल्पावधि ऋण सीमा एवं सावधि ऋण सीमा हेतु पृथक-पृथक खाते खोले।

उदाहरण-II

के0सी0सी0 सीमा का आंकलन

सीमांत कृषक जो कि वर्ष में एक फसल उगाता है
(1) अनुमानः-
अ. भू जोत - 1 एकड
ब. फसल - धान - 1 एकड (प्रति एकड वित्तीय मान+ फसल बीमा रु. 11000/-)
स. 5 वर्ष की अवधि में फसल पद्धति में कोई परिवर्तन नही होगा।
द. वित्तपोशण हेतु प्रस्तावित कृषि गतिविधि - एक गैर नस्लीय दुधारु पशु  (इकाई लागत रु.15000/-)
(2) कार्ड सीमा का आंकलनः-
(I) फसल ऋण का हिस्साः- (प्रथम वर्ष हेतु ऋण सीमा)

 

-1 एकड धान हेतु कृषि लागत+ फसल बीमा 
रु. 11,000/-
जोडे- 10% कटाई पश्चात व्यय/पारिवारीक व्यय/उपभोग हेतु
रु. 1100/-
जोडे- 20% कृषि रखरखाव हेतु
रु. 2200/-
प्रथम वर्ष हेतु कुल फसल ऋण सीमा
रु.14,300/-(अ1)
(II) सावधि ऋण हिस्सा

 

एक दुधारु पशु की लागत
रु. 15000/- (ब)
प्रथम वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा (अ1+ब)
रु. 29,300/-
द्वितीय वर्ष हेतु -

 

जोडे- अ1 पर 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 
रु. 1430/-
(रु. 14,300/- का 10% यानि रु. 1430/-) 
+ रु. 14,300/- 
कुल फसल ऋण सीमा 
रु. 15,730/-(अ2)
द्वितीय वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा(अ2+ब)

 

तृतीय वर्ष हेतु ऋण सीमा- 

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु
रु. 1570/-
(रु. 15730/- का 10% यानि रु. 1570/-) 
+ रु. 15,730/- 
कुल फसल ऋण सीमा
रु. 17,300/-(अ3)
तृतीय वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा(अ3+ब)
रु. 32,300/-
चतुर्थ वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 
रु. 1730/- 
(रु. 17,300/- का 10% यानि रु. 1730/-) 
+ रु. 17,300/-
कुल फसल ऋण सीमा
रु. 19,030/- (अ4)
चतुर्थ वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा(अ4+ब)
रु. 34,030/-
पंचम वर्ष हेतु ऋण सीमा-

 

जोडे- 10% कीमतों में बढोतरी एवं वित्तीयमान में वृद्धि हेतु 
रु. 1900/- 
(रु. 19,030/- का 10% यानि रु. 1900/-) 
+ रु. 19,030/- 
कुल फसल ऋण राशि 
रु. 20930/- (अ5)
पंचम वर्ष हेतु संयुक्त के.सी.सी. सीमा(अ5+ब) 
रु. 35,930/-

 

या रु. 36,000/-
अधिकतम अनुमति योग्य सीमा/संयुक्त के.सी.सी. सीमा रु. 36,000/-

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